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किसान : साहित्य इतिहास श्रम संघर्ष

संपादन : ओमप्रकाश सुंडा

बैल व्यथा

मानबहादुर सिंह हिंदी का भूला दिया गया कवि है. सवर्णवादी हिंदी आलोचना और इतिहासों ने किसान कविता को कभी नोटिस नहीं लिया. मानबहादूर सिंह श्रमजीवी जनता का प्रतिनिधि कवि है

October 27th, 2020 · 2 min read

कृषकों की पहली पीढ़ी का दायित्व

उनके लिए बाबरी विध्वंस और राम मंदिर निर्माण गर्व का विषय हो गया है जबकि इतिहास और अतीत का कोई बहुत ज्यादा पुराना सम्बन्ध इनसे रहा नहीं..........................

October 8th, 2020 · 1 min read
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